
राजनांदगांव-जनपद पंचायत डोंगरगढ़ के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत नागतराई में रोजगार गारंटी योजना के संचालन को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि उपसरपंच और सभी पंचों की मिलीभगत से अपने जनप्रतिनिधियों का हाजिरी फर्जी तरीके से दर्ज की जा रही है तथा वास्तविक मजदूरों के भुगतान में कटौती की जा रही है।ग्रामीणों का कहना है कि जो श्रमिक लगातार मेहनत कर रहे हैं, उन्हें केवल 40 से 45 दिनों के कार्य किया जा रहा है, जबकि कुछ लोगों के नाम पर 90 से 99 दिनों तक की उपस्थिति दर्ज होने की शिकायत है। आरोप है कि ऐसे लोगों को लाभ पहुंचाया जा रहा है जिन्होंने नियमित रूप से कार्य नहीं किया। इससे योजना की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं और वास्तविक मजदूरों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।ग्रामीणों ने मांग की है कि रोजगार गारंटी योजना से संबंधित मस्टर रोल, उपस्थिति पंजी, भुगतान विवरण और अन्य अभिलेखों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उनका कहना है कि यदि जांच में अनियमितता की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जानी चाहिए।हालांकि इन आरोपों की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और न ही प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। मामले की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। ग्रामीणों ने जनपद पंचायत डोंगरगढ़ और जिला प्रशासन से शीघ्र जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही करने की मांग की है।




