
छुरिया-(टेमन बोरकर)-कहते हैं कि बातचीत से बड़ी से बड़ी समस्या को सुलझाया जा सकता है, इसका ताजा उदाहरण है ग्राम घुपसाल।आजादी के 79 वर्ष के बाद आज सभी समाज पूर्ण शिक्षित और जागरूक है फिर भी गांवों में दलित हरिजन समाज के प्रति भेदभाव और छुआछूत जैसी सामाजिक बुराइयां अब भी कायम है। ऐसे ही भेदभाव का दंश झेलता आ रहा था ग्राम घुपसाल का महार समाज।घुपसाल में किसी भी समाज में कोई सामाजिक कार्यक्रम होता है, उसमें गांव के बाकी सभी समाज सम्मिलित होते थे और महार समाज को छोड़ दिया जाता था। इसी तरह महार समाज के घर कोई कार्यक्रम होता था उसमें बाकी समाज के लोग शामिल नहीं होते थे। इस सामाजिक कुरीति को देखते हुए महार समाज के युवा शिक्षक गजेंद्र चौधरी ने अपने समाज में बैठक आयोजित कर इस भेदभाव को दूर करने के लिए गांव के अन्य समाज के साथ बातचीत करने का प्रस्ताव रखा। ग्राम विकास समिति के माध्यम से सभी समाज के साथ विचार- विमर्श कर इस सामाजिक बुराई को समाप्त करने की बात कही।साथ ही एक आवेदन बनाकर ग्राम विकास समिति और ग्राम पटेल को दिया, जिसमें सभी समाज के द्वारा महार समाज के साथ हो रहे भेदभाव को दूर करने की अपील की गई थी।ग्राम विकास समिति के द्वारा समस्या की गंभीरता को देखते हुए सभी समाज के प्रमुखों को लिखित सूचना देकर अपने अपने समाज में बैठक आयोजित कर महार समाज की समस्या को दूर करने पर विचार करने की बात की गई। अपने अपने समाज के विचार को मुख्य बैठक में रखने कहा गया और इसके लिए एक सप्ताह का समय दिया गया। इस दौरान सभी समाज द्वारा अपने अपने समाज का बैठक रखा गया।तत्पश्चात 14.05.2026 को ग्राम विकास समिति के द्वारा सभी समाजों का सम्मिलित बैठक रखा गया। जिसमें सभी समाज को बारी बारी से अपनी समाज की बात रखने कहा गया। काफी विचार विमर्श के पश्चात सभी समाज ने एक सुर में महार समाज के साथ हो रहे भेदभाव को समाप्त करने की बात कही और हर सामाजिक कार्यक्रम में महार समाज को सम्मिलित करने और महार समाज के कार्यक्रम में शामिल होने की बात कही।इस प्रकार से सभी समाज,भेदभाव को समाप्त कर एकता और भाईचारे के साथ रहने पर सहमत हुए। समस्त फैसले ग्राम विकास समिति के द्वारा लिखित में लिया गया और किसी समाज के द्वारा भविष्य में भेदभाव किया गया तो ग्राम विकास समिति के द्वारा उस समाज पर कार्यवाही किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण समाज सुधार में ग्राम विकास समित के अध्यक्ष श्री सेवा राम सिन्हा, उपाध्यक्ष श्री हेमंत सिन्हा,कोषाध्यक्ष श्री भोला राम उईके ,सचिव श्री महेंद्र नंदेश्वर,ग्राम पटेल श्री दशरथ नेताम, सदस्य श्री देवागा यादव, श्री लेखराम मंडावी,श्री हेमंत मंडावी ,श्री इंदल सिन्हा,श्री शिव साहू, श्री दौलत पटेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।




